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Monday, June 8, 2009

श्रीनन्दनन्दन स्तोत्र Shree Nandanadan Strotra

श्रीनन्दनन्दन स्तोत्र

श्री मुनिरुवाच

बालं नवीनशतपत्रविशालनेत्रं बिम्बाधरं सजलमेघरुचिं मनोज्ञम् ।
मन्दस्मितं मधुरसुन्दरमन्दयानं श्रीनन्दनन्दमहं मनसां नमामि ॥१॥
मञ्जीरनूपुररणन्नवरत्नकाञ्जीश्रीहारकेसरिनखप्रतयन्त्नसंघम् ।
दृष्टयार्तिहारिमषिबिन्दुविराजमानं वन्दे कलिन्दतनुजातटबालकेलिम् ॥२॥
पुर्णेन्दुसुन्दरमुखोपरि कुञ्चिताग्रा: केशा नवीनघननीलनिभा: स्फरन्त: । 
राजन्त आनतशिर: कुमुदस्य यस्य नन्दामत्मजाय सबलाय नमो नमस्ते ॥३॥
श्रीनन्दनन्दस्तोत्रं प्रातरुत्थाय य: पठेत् ।
तत्रेत्रगोचरं याति सानन्दं नन्दनन्दन: ॥४॥

                                                        - गर्ग संहिता, गोलोक, २० । २४-२७


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